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काव्य संग्रह

सुर-ताल
जुगलबंदी...काव्य

Gitanjali Saxena · Poetry Collection

शब्दों को भी पहचान तब मिली,

जब पिरोया तराशा कलम ने उन्हें

शब्द तो आम ही थे, खास तब होते,

जब बिखरे पन्नों पर, कवि कलम से..

In essence

A collection of brief, luminous verses — each a flash of insight, a moment frozen in language. Gitanjali Saxena's kshanikayen (flash poems) are small in form but vast in feeling.

23 कविताएं
2022–2025 काव्य-यात्रा
भाव
काव्य संग्रह

गीतांजलि सक्सेना की काव्य-रचनाओं का संग्रह — क्षणिकाएं, भावगीत, जीवन-दर्शन और स्मृतियों से जन्मी कविताएं। हर रचना एक अनुभव, हर शब्द एक सफर।

01
लॉकडाउन...
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02
पति देव...
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03
अनमोल है...
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04
होली आई रे...
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05
सौगंध...
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06
विचित्र लीला...
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07
कदर-ए-कीमत...
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08
मौका-ए-दस्तूर...
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09
ख्वाहिशें-ए-जिन्दगी...
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10
जीवन सार...
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11
कोविड क्लब...
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12
शुभकामनाएँ...
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13
लाड़ली...
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14
ज्योति...
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15
महारानी एक दिन की
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16
World of Magic
📖
17
शब्दों की शक्ति परीक्षा
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18
आबरा का डाबरा
📖
19
हर दिन नया सवेरा
📖
20
क्षणिकाएं
📖
21
रहस्यमय दुनिया
📖
22
मिट्टी के रंग...
📖
23
बदले-बदले है हजूर
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और पढ़ें
गु
संस्मरण
शाश्वत... शिक्षकों को नमन
गुरु का स्थान जीवन में सबसे ऊँचा — शिक्षकों को समर्पित एक भावपूर्ण संस्मरण।
मा
कविता
मम्मी, अम्मा, नानी... जीवन सफ़र
माँ के अनगिनत रूपों की कहानी — हिम्मत, विश्वास और अनमोल जीवन की पहचान।
या
कविता
यादों में रहेंगे बसे...
बीते पलों की स्मृतियाँ — जो यादों में हमेशा जीवित रहती हैं।