मा
कविता

मम्मी, अम्मा, नानी… जीवन सफ़र

In essence

A poem celebrating the extraordinary women who shaped us — mothers, grandmothers, the quiet pillars of every family. Gitanjali Saxena writes of their resilience, their love, and the irreplaceable mark they leave on every life they touch.

कविता — अक्टूबर २०२५
मम्मी, अम्मा, नानी… जीवन सफ़र
उतार-चढ़ाव भरी हिचकोले खाती नौका,
हिम्मत विश्वास पतवार ने किनारे दिखाए,
बहुत खूबसूरत अत्यंत अनमोल जीवन पारी,
कही–अनकही कहानियां, अनुभव भरा खजाना
सभी के पड़ाव में शामिल है मम्मी योगदान।
प्रभु भक्ति जिनकी सांसों में रहती रमी-बसी,
आराधना से करें सुबह–शाम दिन का आगाज़
'टाइम मैनेजमेंट' रहा आदर्श सिद्धांत उनका
पूजा-अर्चना में करें सब के सुख की कामना,
यही धन उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा
ईश्वर को जीवन में उतारना है सीखा मां से
लगन तपस्या, सच्चाई संस्कारों से ओतप्रोत
स्नेह सरलता, आशीष भरी मिली है विरासत,
हर रिश्ते में जीती ममता रंग से भरा आंचल
परनानी बनकर भी रहा… उतना ही विस्तृत,
सरल भावुक हर पीढ़ी को मिला अपार स्नेह
सच है कलम कागज़ उम्रदराज नहीं होते,
शब्दों को भाव देने में सक्षम है मां हमारी,
ममता संवेदना भरे शब्दों का बेजोड़ उदाहरण
लेखन व पढ़ना आदत दिनचर्या का है हिस्सा
विषय जानकारी और उस पर सटीक टिप्पणी
वर्तमान में जीना, हर विचार में जीवन दर्शन
भावनाओं की कद्रदान जीवन में रहा सर्वश्रेष्ठ
कठिन डगरो पर सभी को दिया मार्गदर्शन।
परिवार व प्रियजन उनके इस जन्मदिन पर
करें ईश्वर से प्रार्थना, फीकी न हो मुस्कान
स्वस्थ रहें, कलम से बिखरते रहे उनके शब्द
सब पर यूं ही सदा बना रहे उनका आशीर्वाद
निस्वार्थ प्यार सदैव ऐसे ही बरसता रहें।
— गीतांजलि सक्सेना, समर्पित जन्मदिन 11 October 2025
विषय: कविता हिंदी साहित्य गीतांजलि सक्सेना
और पढ़ें
या
कविता
यादों में रहेंगे बसे...
बीते पलों की स्मृतियाँ — जो यादों में हमेशा जीवित रहती हैं।
काव्य
कविता
काव्य-धारा — संपूर्ण काव्य संग्रह
২৩ कविताओं का संग्रह — प्रेम, प्रकृति, देश और जीवन के अनेक रंग।
ना
कविता
दुनिया तुमसे... नारीत्व
नारी शक्ति का उद्घोष — हर चुनौती में आगे बढ़ने की प्रेरणा।
अगली रचना →शाश्वत... शिक्षकों को नमन